Saturday, July 2, 2011

Ten day you challenge--post 1. Ten secrets.

These are my last days on this blog, after few days i am will be busy in 'the-outside-world' with my job and after-college-problems, so sharing something different, not creative but totally about me.

Found this on someone's blog, going to follow it



DAY 10: Ten Secrets

1. Even I said there is nothing like god or spirituality but I am spiritual and trust on god, May be just  coz it gives me confidence but jo bhi hai, I've trust on god.

2. I hate the people who says 'tum ye karo, tum wo karo.' Actually, fact  is nobody required your advise.

3. I am not a fitness buff.

4. I am in love, but dont wanna marry her, coz i want her happiness.

5. I wanna feel touch of  'Your' hand forever.

6. I've fear of dying in a road accident, may be thats why I unable to ride.

7. I like up & downs in life, so dont want any status, level. I am impressed from Aamir Khan's character in 'Mumbai Diaries'

8. I really want  to improve my English.

9. I've tried to kill myself. But that was back when I was f**king frustrated due to what not achieved.

10. I dont like people saying 'vaqt badal gya hai, nyi peedi achhi nhi hai.' Actually you should accept the truth, this generation is better than older, at least they are straight foreword and believe on equality.




~V!Vs                           



Thursday, June 30, 2011

लफ्ज़


















लफ्ज़ दर लफ्ज़
बदलते हैं मौसम
कभी रौशनी से सरोबार
तो कभी घुप अँधेरा.
तेरे दो प्यार भरे लफ्ज़
दिन कर देते हैं रोशन.
.....और तेरा एक पल का गुस्सा,
कर देता है दिन बर्बाद!

                                        ~V!Vs***

Thursday, June 9, 2011

BakBak ~~This Week^

I  have so many things to share this week.......
Like-
Some Songs.... Zindagi na Milegi....... and Delhi Belly both have good music....

1.Dil Dhadakne Do..... (Zindagi na Milegi) is a nice song with refreshing lyrics (not much as Prasoon Joshi penned for 'Break ke Baad' but still lovely)

2.Sweety Tera Pyaaar (Delhi Belly) --- Aamir Khan is really creative so that his team, Abhinav Deo made a flop like 'Game' (bhool ke mat dekh lena) but now 'Delhi.....'s promos making somee hope.......and music, songs, lyrics all are just awesome.

3. Fallin (Aysel)--- A ultimate song from a ultimate singer.......a must listen song, click on-
Fallin-Aysel

4. Meri Zindagi--- The only hope of Pakistan's Female-Pop-Industry Faiza Mujahid sang this song.......sunoge.... to kai baar sunoge.......must listen.

                        .............and at last, log jab zajbati hote hai to Jagjeet Singh ko sunte hain. So last one is-

5. Khoob jamegi hum dono me--- (Albem- Inteha) by jagjeet singh.

Other than songs, i have a Blog  to share..... Preeti Shenoy's  'Just a Mother of Two' so read this blog too.

One Must Watch Film--- If u love Hollywood but watched so many, and not getting any new film then watch  'Surya s/o Krishnan'. This is a Telugu movie directed by famous Ganesh Menon, starred Surya, Sameera Reddy, Story basically on Son-Father relations, was a blockbuster. U will get it Here with English Subtitles.


 ...........and at last, my net-connection is not working properly, so not gonna share any....but i bought a new digicam from Sony, so share some b'ful pics next time.

                                                                                   Have a good day..........enjoy.


                                                                                                                             ~ V!Vs




Wednesday, April 27, 2011

Best Print-Ads of India

Hello, im sharing 10 very creative print-ads, u can call it best ad collection of India or best advertisements from best of India’s trusted brands. 

1.World need tape like this.........very true, especially Bush needed this badly. Just check statement by Bush, in bottom.


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2. Radha-Krishna in ad of Titan watches.


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3. KIT KAT : have a Break, Have a Kit Kat!

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4.Head & Shoulder : Head & dandruff compared with Night Sky!


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5.Austrelia Post : If you really want to touch someone, send them a letter!



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6.Mondo Pasta Ad




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7.This is not the picture of Hiroshima Atomic Attack.........its a head after using PANTENE!!



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8.ARIEL: Now 'Daag' is Design!!



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9.Zandu Balm.........Head Ache is HA!



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10.Colors Become Alive..........Sony Bravia!




                                                                                                                                           ---         
~VIVs***

Sunday, April 24, 2011

Some Hidden Pages of a Diary

May 2004....
पापा का हॉस्पिटल भी अजीब है, उसने मौत  को ज़िन्दगी से आगे निकलते देखा  है. जैसे उसे नहीं पता मौत क्या होती है, ज़िन्दगी क्या. मैं खुश हूँ दसवीं का रिजल्ट आया है, पर उस ढाई साल के मासूम का क्या जिसे आग का मतलब भी पता नहीं था.'अब ये मेरे बस में नहीं है छतरपुर ले जाना पड़ेगा'. Basic Treatment के बाद पापा ने सिटी रेफेर करने को बोल दिया. 'डॉक्टर साब पैसे नहीं हैं'. पापा ने चुपचाप 500 का नोट निकाल कर दे दिया. वो दुखिमन दुआ देता हुआ चला गया. 'अब ये नहीं बचेगा 80% जल चुका है.' पापा ने मेरी तरफ मुड़ते कहा. पापा की कोरें भीगी हुई हैं.
ये ख़ुशी भी अजीब होती है, खुश रहने कहाँ देती है!

March 2008...
इंजीनियरिंग मैं 'Sad Stories' नहीं होती, लेकिन Panjaabi sir को देखता हूँ तो  ये बात भी झूठ लगने लगती है. वो गर्व से बोलते हैं, वो 'Jyoti Talkies Circle' है  वो मेरे बेटे ने डिजाईन किया है...फिर 80 साल की बूढी आँखें छत ताकने लगती हैं. इस उम्र में Daily Basis पे  Lectures लेना उनका शौक है मजबूरी, उनकी कांपती हड्डियां बता ही देती हैं. आज बस इतना ही, वो Basic Civil की किताब उठा दरबाजे की तरफ बढ जाते हैं. मैं चुपचाप उन्हें जाते देखता हूँ. कहते हैं बहुत सी चीजें छुपाये नहीं छुपती.

May 2008...
कॉलेज  के एक Senior  के पापा  बीमार  हैं, उसके दोस्त  इलाज़  के लिय पैसे जोड़ रहे  हैं......लड़का हॉस्पिटल में है......उसके दोस्तों  के चेहरों  में  मुझे खुदा  नज़र  आता  है. एक Classmate  ने  100 रूपये  दिए  हैं.......ये 50 रूपये  वापस  लो, 50 रूपये से ज्यादा मत दो, तुम्हारे घर  से भी  तो  सीमित पैसे आते हैं.... बाहर सिगरेट  के टपरे पर  आज  कुछ  कम भीड़ देख  अच्छा लगता  है.


Oct 2008...
अबे पी ना, पी के देख, सोमरस है....मैं मुस्कुरा कर मना करता हूँ. ....अब  पेपर  उठा  लिया  हाथ  में  उसने, अबे ये लोग पी  कर गाड़ी  क्यूँ  चलाते  हैं, मरेंगे  ही साले, वो पेपर पढ़ के बोलता है...... उसे भी 10km दूर अपने रूम जाना  है, रात में ही...... अबे अभी तो 3 ही हुए हैं, 5 तक तो मुझे होश रहता है..... मैं मुस्कुराता हूँ.

Jan 2009...
मैं इस जगह नया नया रहने या हूँ..चाय के टपरे पर चाय पी रहा हूँ. 'भैया एक रूपये देदो ना.' चिथड़ों में एक 7-8 साल का लड़का पैसे मांग रहा है. 'अबे जा यहाँ से.' चायबाला चिल्लाता है. मैं एक रुपया दे देता हूँ. 'कितनों को पैसे दोगे भैया, यहाँ बहुत आते है.'....एक तरफ काले, बदसूरत लड़के मायूस से पैसे मांग रहे हैं....वहां HPCL के ग्रौंद पे गेंद खेली जा रही है. 'इनमें और उनमे सिर्फ एक गेंद का फ़र्क है.' यश दार्शनिक अंदाज़ में दुखी हो कहता है. मैं बस हाँ में जबाब देता हूँ.

Oct 2009...
फ़ोन बजा 'पचमढ़ी चलोगे आज रात?'...'किससे?'....'bike से जा रहे हैं, चलना हो तो चलो.'  मामी बैठी हुई हैं, 'विवेक, bike से मत जाना, मना कर दो.' मैं मना कर देता हूँ. सुबह फ़ोन बजा-'विवेक वो accident हो गया है, नर्मदा हॉस्पिटल पहुँचो.' मैं पहुँचता हूँ, सुबह 5.00 बजे निकले थे पचमढ़ी को, होशंगाबाद के पहले accident हो गया. यही एक गाड़ी थी जिसपे 2 लोग बैठे थे........अगर मैं गया होता तो इसी पे बैठता, सोचकर मैं सिहर उठता हूँ. ..........पहली बार किसी funeral में गया हूँ, एक्सिडेंट के बाद एक महीने ज़िन्दगी से लड़ते-लड़ते दोस्त नहीं रहा. बिहार से था...उसके पापा का चेहरा देखने की हिम्मत नहीं होती......लौट के आ बाथरूम में रो पड़ता हूँ. नहाते हुए आंसू भी धुल से जाते हैं..............एक महीने बाद सब नोर्मल है.

April 2010...
'मैं उसी से शादी करूंगी' वो मुस्कुरा के बोलती है......मैं Coaching के बाद Daily उसे स्टॉप तक छोड़ने जाता हूँ.  मेरे से 3 साल बड़ी है लेकिन मैंने आज तक उससे अच्छी लड़की नहीं देखी. उसे एक लड़के से प्यार, पंजाबी है लड़का, वो ब्रह्मिन....उसकी शादी तय हो रही है कहीं और, लड़का 1 Lakh per Month कमाता है, MNC में है. वो घर बालों को अपने प्यार के बारे में बता देती है. मैं उसे मुर्ख कहता हूँ.....लेकिन शायद वो अच्छी है, तो अच्छी है....उसके घर बालों ने अब उसका घर से निकलना बंद करवा दिया है. इश्क पर पहरे क्यूँ हैं?

Aug 2010...
मेरे यहाँ जुलूस निकला है, मैं भगवान् की कांवर उठाये हुए हूँ. फ़ोन बजता है,फ़ोन पे Sumit है 'वो 'उसके' पिताजी नहीं रहे.' वो दुखी हो बोलता है. वो मेरे सबसे अच्छे दोस्त के बारे में बात कर रहा था.मैं निःशब्द हूँ. एक प्रश्न है, हम भगवान् क्यूँ पूजते हैं? अपनों की सलामती के लिए ही ना!
मैंने मंदिर जाना छोड़ दिया है.

Dec 2010...
कुछ नहीं. कुछ अधूरे पन्ने स्याह भी हैं.

Friday, April 15, 2011

....तुम्हारी दी कलाई घड़ी!

याद है,
लम्हे बाँधने के लिए,
तुमने कुछ दिया था!

मैं,
लम्हे बांधते-बांधते थक गया,
लेकिन ये युग
अनवरत अग्रसर है!

मैं नहीं चाहता,
बहने दूं इन पलों को.
.......बस थामना चाहता हूँ,
तुम नहीं
 तो तुम्हारी यादें.

लेकिन,
सिर्फ और सिर्फ 
मुझे तुमसे बाधें रख सकती है,
नहीं थाम सकती लम्हें.
सोचता हूँ,
उतार के फेंक दूं
तुम्हारी दी कलाई घड़ी!

तुमसे दूर जाने का ये प्रयास भी
कर के देख लूं!
....उम्र भर सीने में चुभें लम्हे,
उससे तो कहीं यही अच्छा है!!!

Saturday, April 9, 2011

....before packing the bags: inside campus

                              मैं उसे कस के पकड़ता, उसके शरीर पर खड़े हो रहे रोंगटे साफ़ देख सकता हूँ....वो बिलकुल पास है, इतने पास की कभी उसने खुद भी नहीं सोचा होगा की वो मेरे इतने करीब होगी....मैं उसके चेहरे को और भी खूबसूरत बना रहे  बालों को अलग करता हूँ.......उसका चेहरा मेरे बिलकुल पास है, उसकी गर्म साँसे मैं महसूस कर सकता हूँ.....और फिर............'हे  भगवन! हम पूरे पांच मिनट तक  'kiss' करते रहे!!!! इतना लम्बा kiss तो इमरान-दिया मिर्ज़ा ने  'तुमसा नहीं देखा' में भी नहीं किया होगा'

                   'तुम 'idiot' हो' वो mirror में अपनी lipistic' सम्हालते हुए बोलती है.
                   'हाँ, its ur first kiss na? मेरा भी, and i am so happy.' मैं अपना चेहरा धुलते हुए बोलता हूँ.
                  'हाँ लडको के लिए तो ये proudest moments होते है, तुम तो खुश होगे ही.' वो मेरे कंधे पर                                            मारती है. मैं उसके सिर पे हाथ घुमा देता हूँ......उसके बाल बिखर गये हैं, और वो और भी प्यारी लगने लगी है.

पहले मैं toilet से बाहर निकलता हूँ, और गेट के साइड में खड़ा हो गया हूँ, जिससे उसे कोई  boys toilet से निकलते हुए देख ना ले. वो धीरे से निकलती है, बालकनी में कोई नहीं है, सब lectures करने व्यस्त हैं.....वो तेजी से क्लास की और जाती है.
              
                'May I come in Sir?'
              
                'No'  28 साल का 'Control System' पढ़ाने बाला आदित्य उसे ऊपर से नीचे तक Scan करके बोला. (ये Young Faculties की प्रॉब्लम क्या होती है यार? ये अपनी स्टुडेंट्स तक को नहीं छोड़ते.)

              'You are 20 minutes late.' 5 फुट 4 इंच का आदित्य, अपने पीले पेंट से चाक भरे हाथ पोंछते हुए बोला. एक तो इतनी कम Height, फिर ऊपर से मोटा सा चश्मा, उस पर भी ज्यादातर वो डार्क शर्ट पर लाइट पेंट्स पहनता है, राजपाल यादव का पूरा भाई लगता है वो.....लेकिन अपनी स्टुडेंट्स तक पर लाइन मारता है.......मेरी उससे कभी नहीं बनी.
        
            'सॉरी सर, मैं ATM तक पैसे निकालने गयी थी.'


            'आ जाओ.' 'और तुम कहाँ गये थे हीरो?' नीरजा के पीछे मुझे खड़ा देख बोलता है.


            'सर उसको पैसे निकलवाने' पूरी क्लास हंस पड़ती है.


उसका चेहरा देखने लायक है, 'तुम मेरी क्लास कभी Attend मत करना, बाहर जाओ.'


मैं चुपचाप Gate से निकल आया, मन ही मन उसे दो-चार भद्दी गलियाँ देता हूँ.


एक...दो.तीन...पूरी 63 सीढियां उतरने के बाद मैं कंप्यूटर सेंटर पहुँचता हूँ.....यहाँ पूरे dell के computers हैं, इनका के बोर्ड चलाने में मुझे मज़ा आता है, lappy का की-बोर्ड use करना कितना tough होता है ना!


        .मैं सीधा जाकर एक कंप्यूटर पर बैठ गया.....प्रोक्सी साईट से अपना फेसबुक अकाउंट खोलता हूँ....(हाँ, हर एक कॉलेज की तरह यहाँ भी chatting sited बंद क़र के रखी गयी हैं.) ....टोटल 23 notifications ......maximum about comments on my photo ........ 


                 'क्या कर रहे हो यार? मुझे नौकरी से निकलवाओगे क्या?'


मैंने पीछे देखा, पवन था. 'क्या यार पवन, यहाँ फेसबुक तक नहीं खोल सकते.......ये कॉलेज है या आफत?'


पवन lab assistant है, 19 साल का लड़का, BCA final year में है , और data networks and communication  में मास्टर है....part time मेरे कॉलेज में 6000 रूपये महीने पर जॉब करता है....ये जब जॉब के लिए आया था तो lab in-charge रावत के सामने मैंने इसका support किया था, तब से मेरा अच्छा दोस्त है. उसके पास पैसे की तंगी रहती ही, पापा नहीं है...शहर से काफी बाहर रहता है....लेकिन बहुत स्वाभिमानी है, और मेरा बहुत अच्छा दोस्त भी.


            'क्या यार विवेक, तुम भी, वो रावत मुझे डांटेगा अभी.'


            'एक तो वैसे ही मूड ऑफ है ऊपर से तुम भी......'
        
           'फिर नीरजा से लड़ाई?'
          
            'नहीं यार she is a good girl ..... साल्ले मेरी एक faculty ने नाटक किया.....'
          
             'चलो छोडो यार, कोई ब्लॉग पढो, तुम्हे अच्छा लगेगा....वैसे, आज में दोस्तों को पार्टी दे रहा हूँ, आओगे?'


             'कहाँ?'


            'वृन्दावन ढाबा, 8.30 बजे'


            'किस ख़ुशी में?'
          
            'वहीं बताऊंगा'


           'ठीक है, फिक्स 8.30 पर वहीं मिलता हूँ.'


 '......सुरीली अंखियों बाली, सुना है......' मेरा फ़ोन बजता है, ....oh! god ये भी silent पर नहीं था......
मैं कंप्यूटर रूम से बाहर निकल कर बात करता हूँ.


              'चलो आदित्य की क्लास ख़त्म, मैं gate पर हूँ, तुम्हारा wait कर रही हूँ.....घर चलते हैं.' आदतन नीरजा बिना मेरा जवाब जाने ही फ़ोन काट देती है.


                                               *******


                'ये मेरी स्कूटी है और मैं चलाऊँगी, पीछे बैठो.' वो मुझे अपना बैग पकडाते हुए बोलती है.


                'हाँ, तू और तेरी सड़ी सी पिंकी.'
            
                 'just shut up '


पिंकी उसकी पिंक कलर की स्कूटी का नाम है......लडकियां कितनी अजीब होती हैं, अपने taddy , lappy से लेकर स्कूटी तक का नाम रख लेती हैं.


               'कल coaching में मिलते हैं, टेक केयर....'
              
               'you too, और हाँ, मेरे लम्बू-पंडित का भी ख्याल रखना.'
            
               'shut up, he is my papa. he is a nice guy .'
            
               ' i know ........bye '


               'byeeeeeeeeeeeeeeeee '


नीरजा चतुर्वेदी के 6 .3" लम्बे पापा Mr. R . V . चतुर्वेदी को मैं पसंद नहीं हूँ......शायद मैं थोडा rude हूँ, या शायद उनके बाद नीरजा के सबसे करीब....या शायद he is over -protective to her daughter.......जो भी है but overall he is a nice guy .

Thursday, April 7, 2011

BakBak: Yeh Saali Zindagi

        Enrique चाचू के पाँचों एल्बम बार-बार सुनने के बाद अब नये सिंगर को खोजा जा रहा है,  और खोज ख़त्म हुई है Arash पर, इनके फारसी गाने समझ में न आये लेकिन ताश के पत्तों के बीच  सिर्फ म्यूजिक ही याद रहता है, इसलिए हमें ज्यादा फर्क नहीं पड़ता...... इसके साथ  'Always' सोंग गाने बाली Aysel की आवाज़ तो 'सुपर सेक्सी' है....दोस्त की बात सुन हम हँसते हैं.......2 महीने का कॉलेज, फिर पकाऊ ज़िन्दगी, कॉलेज के इस तरफ हम ज़िन्दगी को घुमाते हैं, और उस तरफ ज़िन्दगी हमें......'रंग दे बसंती' का हर डायलोग सच नज़र आता है.....

      'सॉरी, वो उस दिन के लिए तुम गुस्सा तो नहीं थे न?' वो बोलती है......दुनिया की जहां आधी आवादी को खाने को नहीं मिलता है, जहां 66% भारतीय बच्चे कुपोषित हैं, जहां सरकारें बजट का 70% तक खुद डकार जाती हैं, और बच्चे 'माँ की हड्डी से चिपक ठिठुर, जाढे की रात बिताते हैं', वहीं इन्हें इन फ़ालतू के Emotions की पड़ी है, कितने लकी हैं हम जिनका पेट भरा है, तो इश्क के बारे में सोच तो सकते हैं. अभी इतनी रात को फुटपाथ पर भूखे बैठे होते तो चाँद में भी रोटी नज़र आ रही होती, उसकी शक्ल नहीं.......मैं मेरे पापा को थैंक्स कहता हूँ की उन्होंने इतना कमाया की हमारा पेट भरा है और इतना Capable बनाया की अपना पेट भर सकता हूँ, जबकि देश की आधी आवादी मूलभूत रोटी, कपडा और मकान के लिए तरश रही है........और इसलिए भी की उन्होंने उस वहां हेल्थ फेसिलिटीज़ दी, जहां से एक ढंग का अस्पताल 50 किलोमीटर दूर है, और जाने के साधनों में सिर्फ ट्रेक्टर है.....बेचारा बीमार तो पहुँचते-पहुँचते ही मर जायेगा......
             ' तुम Administration (PSC) की तैयारी करो, तुम्हारा GK अच्छा है.'......मेरे अन्दर एक प्रश्न है, अफसर बनकर किसपर हुक्म चलाओगे? यहांके आधे लोग इतने भूखे की एक हज़ार रूपये के लिए कई जान ले ले और साहूकारों के सामने बहु-बेटियाँ तक चढाने को तैयार हैं, जब कुछ भी नहीं है बेवसी में आत्महत्या कर रहे हैं या इतने सताए की आप उनपर अपना शासन चला के भी कुछ नहीं उखाड़ पाओगे, हज़ारों बर्वरता से पुलिस द्वारा मारे जाते हैं, और आतंकी या नक्सली करार कर दिए जाते हैं, या कुछ इतने निष्ठुर की चंद पैसों से आगे उनके सोचने की क्षमता नहीं जाती......कभी-कभी लगता है, हम उस दल-दल के कीड़े है, जिन्हें रेंगना है, और वो भी उतना ही जितना की सरकार हुक्म दे.....हुक्मरानों की बिछाई बिसात पे मोहरे बदले जाते हैं और हम तो वो पैदल भी नहीं जिन्हें जंग में ही सही कम से कम इज्ज़त की मौत तो नसीब होती है......मैं कभी-कभी चीखना चाहता हूँ, कि मैं इस दल-दल का हिस्सा बनना नहीं चाहता.

                 सड़क पर कचरा बीनने बाले बच्चे 'Right to Education' पर गन्दा मज़ाक लगते हैं, उन्ही में से कोई सड़क पर हादसे का शिकार हो जाये.........और उसके शरीर को उठाने बाला भी कोई न हो तो........!!!.......... लावारिश सी ज़िन्दगी में वो लावारिश लाश ज़िन्दगी भर याद रहेगी. 

कुछ हाल भोपाल की सडको से--

                  




              ******

अन्ना हजारे, तुम्हारे प्रयास व्यर्थ न जाये.........तुम्हें प्रणाम!!

Thursday, March 3, 2011

'हर एक दिन चांदनी की तरह.......

             इश्क की बायलोजी हमें कभी समझ ना आई, प्यार उससे हुआ जो 10 में से 7 दिन गुस्सा रहती है. शायद जन्नत में इश्क जनने बाले को भी लगता होगा ये क्या बना दिया..... इश्क जब बदबू देने लगता है तो लगता है किसी हाई-वे पे लगे 6-7 घंटे के जाम में आप फंसे हैं और म्यूजिक सिस्टम तक 'टाइम पास' करने के लिए नहीं है, और साल्ला पीछे भी नहीं जा सकते, और 'यू-टर्न'  भी नहीं ले सकते........दिल का मामला है, फंसता है तो दर्द बहुत देता है.
                   भाई आया है, आते ही बोलता है, इतना गन्दा रूम, कैसे रहते होगे........बालकनी में पड़े कचरे के ढेर को देख उसे आश्चर्य होता है. सुबह उसे लगता है कितनी बोरिंग लाइफ है तुम्हारी.....और रात को जब 10 बजे से पत्ते शुरू हो जाते हैं, और ENRIQUE चाचू के गानों के बीच फड़ जमती है.......फिर रात 1.00 बजे की 'मैगी' नूडल्स,  तो उसे लगता है कितने एश कर रहा हूँ....लेकिन फ़ालतू अभी भी हूँ. 'विवेक भैया' तुम्हारे पास कुछ काम तो है नहीं. हम बेचारे भी बस मुस्कुरा के रह जाते हैं.  कैसे बताये MBBS बालों की तरह 11-11 घंटे पढ़े तो सटिया ना जाएँगे.
        ये कुछ नया सा है, जैसे RODIES 8.0  के ओडिसंस देखना सबको पसंद है, दूसरों को गालियाँ मिलती हैं, तालियाँ हमारे रूम में बजती हैं. मसलन चीजें अच्छी ना होकर 'सेक्सी' हो गयी हैं, जैसे हम 'होटल राजहंस' खाना खाने इसलिए नहीं जाते क्यूंकि वहां की सब्जियां हमारे रूममेट को 'सेक्सी' नहीं लगती और मेरे पास बाइक इसलिए नहीं है क्यूंकि मेरे भाई को 'सेक्सी बाइक' चाहिए और 1st इयर में ही उन्हें 'सेक्सी बाइक' देना पापा को मुनासिब नहीं है.
    कॉलेज की चारदीवारी से निकलने का वक़्त हो गया है, लेकिन चाहत किसी की नहीं है. चाहत हो स्कूल से निकलने की भी नहीं थी. विपिन बोलता है नवोदय ग्रेजुअशन तक होना चाहिए..........'और ग्रेजुअशन का टाइम कम से कम 5-6 साल, B. Tech जैसा 4 साल नहीं, अमित हाँ में हां मिलाते बोलता है.........' वैसे  5-6 साल का ग्रेजुअशन का कौन सा कोर्स होता है?' एक नया प्रश्न उठा है..........'MBBS का'.......'तो रहने दो, हम नही कर पाते, इतना पकना अपने बस में नहीं'......और सब हंस पड़ते हैं, भाई का चेहरा देखने लायक है.
           हम अपने दोस्त की इंटरव्यू की प्रेक्टिस करा रहे है.......' What's your name?' .......... 'What's my name, What's my name, माय  नेम इज़ शीला, शीला की जवानी'.........Interview की जगह पूरा रूम कॉमेडी सर्कस का मंच बन गया है.
              पता में 62 Kg का हो गया हूँ,......'तुम मज़ाक कर रहे हो, अभी पिछले साल तो तुम 53 के थे' उसको बिलीव ही नहीं होता है..... 'हाँ, और तुम 42 Kg की हो, ज्यादा मत इतराओ'...........'So What, I Have a Perfect Figure'.........मैं जोर-जोर से हंस देता हूँ. वो फ़ोन रख देती है.......'साल्ला जब से करीना ने Zero Figure बनाया है लडकियां इनविज़िबल-सी दिखने लगी हैं, दूर से देखो तो पता ही नहीं चलता की वहां कोई खड़ा है, 'हम आपके हैं कौन' की माधुरी भी इनके चक्कर में आंटी लगती है' बातें सुन रहा बगल में बैठा दोस्त बोलता है............हम बड़ी देर तक हँसते रहते हैं.
         कॉलेज में 'आरक्षण' फिल्म की शूटिंग का 'कैंटीन का सेट' अभी तक बना हुआ है, वहीँ खड़े होकर हम सैफ, दीपिका की तरह एक्टिंग कर रहे हैं, और बीच में हंसी के ठहाके...........मुझे लगता है जैसे गूंजती हंसी बस कुछ दिन की बची है, एक दिन की चांदनी की तरह.....3 महीने बाद हम कहाँ, तुम कहाँ!!
चार साल चार दिन की तरह गुजर गये, यहाँ तक की सचिन को भी 200 रन बनाए एक साल हो गया..और हमें आज भी लगता है जैसे ये कल की ही बात है. 

Wednesday, February 16, 2011

BakBak...2

वो कह रहे हैं 'इश्क की Biology तुम्हें समझ नहीं आएगी, तुम्हें हर दूसरी लड़की से प्यार हो जाता है. मूवी देखने के बाद हीरोइन से भी.' मैं मुसकुराता हूँ.
' मुझे जॉब मिल जाये, मैं Settle हो जाऊंगा, उससे शादी कर लूँगा. उसका बाप भी मानेगा. वैसे भी हर लड़की का बाप विल्लैन होता है.' मैं हाँ में सर हिलाता हूँ. मेरे Senior हैं.
आज फ़ोन बजता है, फ़ोन पर वही सीनिअर हैं. 'यार कैसा है?.... 'ठीक हूँ सर.' ....'कोई नई मिली की नहीं?'.....'नहीं, आपके क्या हाल हैं?  मै'म कैसी हैं?'....'यार हमारा ब्रेक-उप हो गया है. उसने वहीं TCS में ही अपने Colleage से शादी कर ली है. हम दोनों ही स्विच नहीं कर सकते था ना!'.............ये इश्क भी अजीब हो गया है. बिलकुल Fastrack के Ad की तरह. एक Break-up कि दूजी कहानी शुरू. मैं शुरू में B-tech में आकर Pendrive-Pendrive खेलता था. अब सिटी बस का ड्राईवर Pendrive से गाने चलाता है म्यूजिक सिस्टम में. 'क्या करें भैया एक GB की है, इसके पूरे गाने सुन लिए, दूकान बाला 50 रूपये लेता है भरने के, इसलिए नहीं डलवाए. यही बजाने पड़ रहे हैं.'.......'पता एक समय MACT (MANIT) बाले किराया नहीं देते थे बस का. ........मैं मुस्कुराता हूँ, आप Bike नहीं चलाते हैं क्या?....'नहीं'....'क्यूँ?'..'येसे ही.'......'सही है, पिछले साल 65 लड़के मर गये Bike से' मैं कुछ नहीं कहता हूँ. ज़िन्दगी कितनी फास्ट हो गयी है, Racing Bikes और ज़िन्दगी की Race एक सी लगती है. तुम Bike से Race करो और ज़िन्दगी की भी. देखते हैं Bike Race जीतते हो या जिंदगी की Race.
       'तुम्हें करना क्या है?..'पता नहीं'...'एक बार प्लेसमेंट हो जाये तो जो करना हो करना, कांफिडेंस बढ जायेगा.' उनकी मुस्कान का राज आज समझ आता है, अब कांफिडेंस है, लेकिन प्रश्न स्थर है- 'मुझे करना क्या है.?'


PSC कि तैयारी शुरू की है, कुछ प्रश्न आपसे भी-
--' Amazon नदी बड़ी है या Amazon.com Book selling site?'
--'देश का सबसे बड़ा बैंक कौन सा है? RBI या A. रजा (एक्स-टेलिकॉम मिनिस्टर) का घर?'
--'आप क्या पसंद करेंगे,  एक इंजिनियर बनना या सोनिया गाँधी के यहाँ खाना बनाना? इंजिनियर बनने से 40000-50000 महीने कमाएंगे, और सोनिया जी रसोई सम्हालने से राष्ट्रपति बन जायेंगे. (जैसा कि राजस्थान के एक मिनिस्टर ने टिपण्णी की थी.) फैसला आपका.'
--...और सबसे अहम सवाल, कमेंट्स में इसका Answer जरूर दें- ' हमने अंग्रेज शासन में ज्यादा तरक्की कि या स्वतंत्रता के 63 सालों में?'