दो महीने बाद भाईसाहब तीन साल के हो जाएंगे... और मुझे अभी से वह दिन याद आ रहा है 23 मार्च 2021. कितना इमोशनल दिन था मेरे लिए... हाथ में लेते हुए इस नन्हीं-सी जान को टप-टप आंसू गिरे थे. इन लगभग तीन वर्षों में कितनी बदल गई है जिंदगी. बहुत से एहसास हैं जो नए-नए मेरे अंदर जन्मे हैं... बहुत सी बातें हैं जो मैंने इस बच्चे से सीखी है... बहुत सा प्रेम है जो महसूस किया है... और भाईसाहब? लगभग तीन साल के भाईसाहब कुछ ज्यादा जिद्दी हो गए हैं... चूजी हो गए हैं... और बहुत सारा प्यार करने लगे हैं. मसलन ऑफिस से आते हैं पुच्ची पर पुच्ची देते हैं फिर जोर से पापा को भींच लेते हैं.
प्यार करना बहुत ही सहज है, जैसे कि ज़ुल्म को झेलते हुए ख़ुद को लड़ाई के लिए तैयार करना. -पाश
Thursday, February 15, 2024
शौर्य गाथा 108.
Saturday, February 3, 2024
शौर्य गाथा 107.
रात के 11 बजने को हैं और भाईसाहब जोर जोर से "दादू... दादू... दादू..." चिल्ला रहे हैं। रात में दादू की इतनी तेज याद आ रही है! पापा पूछते हैं "दादू को वीडियो कॉल करूं?"
Wednesday, January 24, 2024
मां बिन दो दिन | पार्ट 5
Saturday, January 20, 2024
मां बिन दो दिन | Part 4
Thursday, January 18, 2024
मां बिन दो दिन | Part 3
Wednesday, January 17, 2024
मां बिन दो दिन | Part 2
Monday, January 15, 2024
मां बिन दो दिन | Part 1
Wednesday, January 10, 2024
शौर्य गाथा 101.
चाचू भाईसाहब को पुतरा (मतलब : गुड्डा, Doll) बोलते हैं। भाईसाहब को ये शब्द रट गया है। भाईसाहब जब अच्छे मूड में होते हैं (मतलब पेट भरा हो, नींद पूरी हो) तो पापा के पास आते हैं, पापा के पेट पर चढ़ते हैं और गालों को हाथ में ले खिलाते हैं और कहते हैं "पुतरा ता तल लहे हो? तलो थेलने तले?"
Saturday, January 6, 2024
शौर्य गाथा 100.
भाई साहब को भी नेमप्लेट चाहिए। भाईसाहब की जिद है तो पापा को पूरी करनी पड़ेगी। पापा बनवा देते हैं। अब भाईसाहब दिन रात उसे लगाए घूम रहे हैं। जागते कुछ याद आए न आए, नेमप्लेट याद जरूर रहती है।
Thursday, January 4, 2024
शौर्य गाथा 99.
भाईसाहब दिन-ब-दिन बड़े हो रहे हैं और साथ ही बातूनी भी होते का रहे हैं। उनके मुख से निकले तोतले शब्दों को सुनना आनंददायक है। बोलने की समझ विकसित होते देख आप आश्चर्य से भर उठते हैं!
