हल्के जाड़े वाली बड़ी खुशनुमा सी सुबह है. भाईसाहब की गुडमॉर्निंग हो गई है. जागते ही स्माइल करते हुए बोलते हैं, 'पापा...' सुबह और खुशनुमा लगने लगती है.
प्यार करना बहुत ही सहज है, जैसे कि ज़ुल्म को झेलते हुए ख़ुद को लड़ाई के लिए तैयार करना. -पाश
Saturday, November 26, 2022
शौर्य गाथा : Children's Day
Friday, November 25, 2022
शौर्य गाथा : 'वि.. देत.. पानी ताओ'
भाईसाहब को रात 8 बजे से 10 बजे तक सुलाने की पूरी कोशिशें की जा चुकी हैं लेकिन भाईसाहब तो भाईसाहब हैं. 'यदा मनः तदा कर्म.' इसलिए वो उछल कूद में ही लगे हुए हैं.
अब मम्मा उन्हें कुछ खिला रही हैं, पापा मम्मा को दृश्यम-2 देखने जाना है इसलिए दृश्यम के रिवीजन के लिए टीवी साथ में देखी जा रही है.मम्मा पापा बोलती हैं, 'यार विवेक, इन्हें पीने पानी ले आओ न.' पापा अजय देवगन की 'दो अक्टूबर वाली कहानी' में उलझे हैं, टीवी पर आंख गड़ाए रहते हैं.
अब भाईसाहब मम्मा की गोदी से उठते हैं, पापा के पास आते हैं, पापा का हाथ पकड़ते हैं और तेज आवाज में बोलते हैं 'वि.. देत.. पानी ताओ... पानी...'
पापा मम्मा की हंसी छूट जाती है. पापा पानी लाते हैं, भाईसाहब अपनी छोटी सी चोंच डालकर पानी पीते हैं. पापा उनसे पूछते हैं 'ठीक है?' भाईसाहब बोलते है 'ती..क... है'
रात 11.30 बज गए हैं. भाईसाहब अपनी कार पे बैठ हॉल में घूम रहे हैं, पापा मम्मा उनके थकने का इंतजार कर रहे हैं.
#शौर्य_गाथा
शौर्य गाथा : पा..पा.., पा..पा.. वि.. देत..
इनकी मम्मा मुझे आवाज दे रही हैं 'विवेक... विवेक...' मैं मोबाइल में घुसा हुआ हूं इसलिए सुन नहीं पाता हूं. इतने में भाईसाहब एक्टिव हो जाते हैं. दूर से चिल्ला कर कहते हैं 'वि.. दे.. त.. मम्मा बुलाई.' मैं उनके बोलने पर हंस देता हूं लेकिन जानबूझकर इग्नोर करता हूं तो ये फिर से आवाज देते हैं 'विदे.. त.. मम्मा बुलाई' अब मैं इनकी ओर देखता हूं और भाईसाहब क्यूट सी स्माइल करते हुए कहते हैं 'पा..पा.., पा..पा.. वि.. देत..'
Wednesday, November 23, 2022
शौर्य गाथा : श्रवणकुमार
भाईसाहब लीलाधर हैं. उनकी लीलायें देखकर ऐसा लगता है कि बस देखते ही रहें. तीन चार दिन से सर्दी ज़ुकाम से पीड़ित थे, आज कुछ राहत में हैं. राहत मिलते ही लीलायें शुरू हो गई हैं. रात के पौने ग्यारह बज रहे हैं और भाईसाहब की आंखों में नींद नहीं है. उनको सुलाने के सारे जतन किए जा चुके हैं और सारे ही व्यर्थ गए हैं. थककर पापा बोलते हैं 'बेटा, अब हम थक गए हैं और आपको सुलाने के चक्कर में हमें Headache भी होने लगा है.'
#शौर्य_गाथा : भरत मिलाप
भाईसाहब और भाई का दिवाली मिलन हुआ और ये भरत मिलाप से कम नहीं था. कारण ये था कि भाई को मम्मा पापा ने तीन हफ्ते पहले से ये सिखाया कि 'आपको भाईसाहब को मारना नहीं है, वो आपके भाई हैं और उनको प्यार किया जाता है.' भाईसाहब को उनके मम्मा पापा ने ये कह तैयार किया कि 'वो बड़े हैं और उन्हें छोटे भाई को प्यार करना है.' फिर क्या था, दोनों मिले और सब रिएक्शन का फोटो लेने के लिए तैयार खड़े हो गए.
शौर्य गाथा : दौड़
भाईसाहब ने जबसे चलना सीखा है बहुत तेजी से भागते हैं. इतना कि मम्मा-पापा तो क्या कॉलोनी का कोई भी व्यक्ति न पकड़ पाए. लेकिन जब थक जाते हैं तो बस 'प्यारे प्यारे पापा' कह, हाथ बढ़ा बढ़ा कर 'पापा मुझे गोदी ले लो' की ज़िद शुरू हो जाती है... और जैसे ही थकान मिटे तो फिर वही कहानी शुरू... मम्मा-पापा की विपरीत दिशा में दौड़ चालू. 😃😃
#शौर्य_गाथा
Tuesday, November 22, 2022
शौर्य_गाथा : चाचू
भाईसाहब को पापा नहला रहे हैं. भाईसाहब ज्यादा खुश नहीं हैं. उन्हें पानी में 'फच्च... फच्च...' करना अच्छा लगता है और पापा हमेशा मना करते हैं. थोड़ी देर में चाचू आ जाते हैं और नहलाने का ऑफर देते हैं. चाचू को देख भाईसाहब बहुत खुश हैं. पापा तुरंत 'हां' कर देते हैं. अब चाचू भाईसाहब को नहला रहे हैं और भाईसाहब बड़े खुश हैं, इतना कि इनकी हंसी सुन सुनकर घर के बाकि लोग वाशरूम के बाहर खड़े हो गए हैं. भाईसाहब ने बहुत ज्यादा फच्च... फच्च... किया है, चाचू थोड़े भींग गए हैं लेकिन नहलाकर बड़े सुकून में हैं. भाईसाहब चाचू से भी ज्यादा खुश हैं, उन्हें उनके मन का करते हुए नहलाया गया है.
शौर्य गाथा : भाई
भाईसाहब जब अपने भाई से अगस्त में मिले थे तो भाई पर अत्यधिक प्यार बरसाया था. इतना कि मम्मा से बार बार बोल रहे थे कि भाई को भी गोदी ले लो. लेकिन भाई तो छोटे हैं, भले ही तीन महीने सही. तो भाई ने एक बार जोर से एक टॉय कार हाथ से घुमाई और भाईसाहब की नाक के ऊपर हल्का कट लग गया. लेकिन मजाल की भाईसाहब ने गुस्सा किया हो. वो उतना ही प्यार बरसाते रहे.
Monday, November 21, 2022
शौर्य गाथा : Care & Hugs
भाईसाहब की गुड मॉर्निंग हो गई है. मम्मा ने ढेर सारे Kisses भी दे दिए हैं. अब भाईसाहब को बालकनी से चिड़िया देखनी है इसलिए बोलते है 'चिईया' (चिड़िया). पापा उन्हें बालकनी तक लेकर जाते हैं. भाईसाहब को दो-तीन तोते दिखते हैं, दो-तीन कबूतर दिखते हैं. 'ये... ये...' करके भाईसाहब उनके बारे में पूछते हैं. अब भाईसाहब बोर हो गए हैं इसलिए बोलते हैं 'तओ' (चलो). उनको दूसरी बालकनी में ले जाया जाता है, वहां भी वे चिड़िया देखते हैं. एक कबूतर खिड़की में बैठी हुई है, शायद अंडे सै रही है. भाईसाहब पूछते हैं ये... पापा ज्ञान बघारते हैं कि इसे रॉक पिजन बोलते हैं, जिसका साइंटिफ नेम Columba livia है. भाईसाहब ज्यादा नहीं समझते हैं सीधा फिर से पूछते हैं 'ये...'
Sunday, November 20, 2022
शौर्य गाथा : Possessiveness
भाईसाहब की मम्मा की दोस्त आई हैं. साथ में 9 महीने की बहुत प्यारी सावी भी है. सावी बहुत क्यूट है, मम्मा उसे तुरंत प्यार करती हैं, पापा उसे गोदी में उठा लेते हैं. ये सब भाईसाहब देख रहे हैं. भाईसाहब पजेसिव हो जाते हैं, तुरंत गुस्से का इजहार करते हैं. मम्मा-पापा मुस्कुरा देते हैं.
इनकी आया के पास ये पापा-मम्मा को मौजूदगी में कम ही जाते हैं लेकिन जैसे ही सावी को उन्होंने लिया और ये भी दूसरे कंधे पे टंग गए हैं. सबकी हंसी छूट जाती है.
भाईसाहब ने सावी के साथ खेलना शुरूर कर दिया है. फ्रेंडशिप कर ली है. कुछ देर में सावी अपने मम्मा-पापा साथ वापस जा रही है और ये दुःखी हो रहे हैं. इतने में पापा ने सावी को गोद में ले लिया है, अब भाईसाहब फ्रेंड के जाने से दुःखी होना छोड़ पापा की गोद के लिए मचलने लगे हैं, इतना कि पापा को सावी को छोड़ इन्हें गोद लेना पड़ा है, तबतक इन्होंने दो चार आंसू तक बहा दिए हैं.
भाईसाहब आजकल पापा-मम्मा को लेकर बड़े पजेसिव हैं. उसूल है दोस्ती पक्की पर पापा-मम्मा अपने-अपने. 😀☺️
#शौर्य_गाथा




