प्यार किस्सों की तरह नहीं होता न... या शायद होता है. न मिलने में जो मज़ा है शायद मिलने में नहीं...
प्यार करना बहुत ही सहज है, जैसे कि ज़ुल्म को झेलते हुए ख़ुद को लड़ाई के लिए तैयार करना. -पाश
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Wednesday, January 13, 2016
Tuesday, January 12, 2016
दिल्ली 1
मैं सोचता हूँ महानगरों में इश्क़ होता कैसे होगा? कंक्रीट के जंगल में धड़कनें सुनाई पड़ती होंगी या भूल-भुलैया में कहीं खो न जाते होंगे दिल?
'आर्गेनिक फ़ूड' के नाम पे धोखा खा रहे लोग इश्क़ के नाम पे भी तो नहीं खा रहे? यहां इश्क़ मंहगी कारों में सवार ही क्यों आता है?
सुना है एयर में बहुत पोलूशन है इस शहर में... और इश्क़ में...?
#दिल्लीमेरीजां
'आर्गेनिक फ़ूड' के नाम पे धोखा खा रहे लोग इश्क़ के नाम पे भी तो नहीं खा रहे? यहां इश्क़ मंहगी कारों में सवार ही क्यों आता है?
सुना है एयर में बहुत पोलूशन है इस शहर में... और इश्क़ में...?
#दिल्लीमेरीजां
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