Thursday, January 1, 2026

Papa's Letters to Shaurya #TwelfthLetter

 डियर शौर्य,

मैं और तुम्हारी मम्मा अक्सर इस बात पर डिसकस करते रहते हैं कि तुम्हें स्कूल होमवर्क करना चाहिए या नहीं। मैं होमवर्क कराने के बिल्कुल ख़िलाफ़ रहता हूं और इसके अपने कारण हैं। मम्मा को लगता है कि तुम होम वर्क करना एंजॉय करते हो। इसलिए वो अपनी जगह भी सही हैं। तुम LKG में हो और होकवर्क कर रह हो! शायद यह एक छोटी जगह पर रहने और स्कूलिंग का drawback है, लेकिन इसने मुझे प्री स्कूलिंग पर बहुत से आर्टिकल्स पढ़ने पर मजबूर कर दिया और ये पत्र लिखने पर भी।

अक्सर लोग सोचते हैं कि प्री-प्राइमरी स्कूलिंग का मतलब सिर्फ अक्षर पहचानना या गिनती सीखना है, लेकिन हाल ही में मैंने शिक्षा पर कुछ गंभीर लेख (जैसे द हिंदू के आर्टिकल) और नई शिक्षा नीति के बारे में पढ़ा। उनसे मुझे अहसास हुआ कि तुम्हारी इस शुरुआती शिक्षा के उद्देश्य उन किताबों से कहीं बड़े हैं जो तुम अपने बैग में लेकर जाते हो।

मैं चाहता हूँ कि तुम अपनी इस शुरुआती पढ़ाई के असली उद्देश्यों को समझो:

1. जिज्ञासा को जीवित रखना (Fueling Curiosity) : 

तुम्हारी इस शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य तुम्हें जवाब रटाना नहीं, बल्कि सवाल पूछना सिखाना है। दुनिया 'P for Policy' से नहीं, बल्कि 'P for Potential' (क्षमता) से चलती है। मैं चाहता हूँ कि तुम हमेशा यह पूछते रहो कि 'क्यों?' और 'कैसे?'। तुम्हारी जिज्ञासा ही तुम्हारी सबसे बड़ी टीचर है।

2. खेल-खेल में जीवन सीखना (Learning through Play) : 

बचपन के इन सालों का मकसद तुम्हें क्लास में चुपचाप बैठाना नहीं है। असली शिक्षा वह है जो तुम्हें मिट्टी में खेलने, चित्र बनाने और कहानियों के जरिए दुनिया को समझने का मौका दे। नई शिक्षा नीति भी यही कहती है कि इस उम्र में 'खेल ही पढ़ाई है'। खेल तुम्हें टीम वर्क, हार को स्वीकार करना और फिर से कोशिश करना सिखाते हैं।

3. रटने की संस्कृति (3Cs) से दूरी : 

हमारे समाज में शिक्षा अक्सर 3Cs (Colonial, Conformist, Competitive) यानी दूसरों की नकल करने और सिर्फ जीत की दौड़ में शामिल होने तक सीमित रह गई है। मैं चाहता हूँ कि तुम इस दौड़ का हिस्सा न बनो। तुम्हारी शिक्षा का उद्देश्य खुद को दूसरों से बेहतर साबित करना नहीं, बल्कि कल के खुद से बेहतर बनना होना चाहिए।

4. जुड़ाव और संवेदना (Connection and Empathy) : 

स्कूल जाने का एक बड़ा मकसद यह भी है कि तुम अलग-अलग पृष्ठभूमि के बच्चों से मिलो, उनके साथ अपना टिफिन साझा करो और दूसरों की भावनाओं को समझना सीखो। एक अच्छा इंसान बनना किसी भी डिग्री से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

5. नैसर्गिक प्रतिभा का उत्थान (Nurturing Natural Talent) :

साथ ही, नई शिक्षा नीति के अनुसार प्री स्कूलिंग का उद्देश्य रटने की प्रवृत्ति से तुम्हें बचाकर, होमवर्क, बस्ते का बोझ और एग्जाम के दवाब से तुम्हें मुक्त रखते हुए तुममें fundamentional literary और numeracy को विकसित करना है, इस तरीके से कि तुम्हारी नैसर्गिक प्रतिभा का हनन न हो (बल्कि उसका उत्थान हो) और आवश्यक ज्ञान का विकास भी तुम्हारे अंदर हो।

अंत में एक पिता के रूप में यह कहना चाहूंगा कि याद रखना कि स्कूल सिर्फ एक जरिया है, मंजिल नहीं। मैं चाहता हूँ कि तुम एक ऐसा इंसान बनो जो स्वतंत्र रूप से सोच सके, जो असफल होने से न डरे और जिसके पास एक दयालु दिल हो।

तुम जैसा भी करोगे, मुझे तुम पर हमेशा गर्व रहेगा।

तुम्हारे पापा


[P. S.   न्यू एजुकेशन पॉलिसी NEP 2020 को बनाने वालों में कई बेहतरीन व्यक्ति शामिल थे। जिनमें से कुछ हैं -

डॉ. के. कस्तूरीरंगन (अध्यक्ष): इसरो (ISRO) के पूर्व प्रमुख।

प्रो. वसुधा कामत: पूर्व कुलपति, SNDT महिला विश्वविद्यालय, मुंबई।

प्रो. मंजुल भार्गवा: प्रिंसटन यूनिवर्सिटी (USA) में गणित के प्रोफेसर और 'फील्ड्स मेडल' विजेता।

डॉ. राम शंकर कुरील: बाबासाहेब अम्बेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति।

प्रो. टी. वी. कट्टीमनी: पूर्व कुलपति, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक। 

इनके अलावा भी शिक्षा पर काम करने वाले कई और लोग भी शामिल थे।


इसके अनुसार प्री स्कूलिंग में- 

खेल-आधारित शिक्षा (Play-based Learning)

प्री-प्राइमरी स्तर पर कोई भारी-भरकम किताबें या परीक्षाएं नहीं होंगी। शिक्षा का आधार 'अक्षर ज्ञान' के बजाय निम्नलिखित होगा:

1. खेलकूद और गतिविधियों पर आधारित शिक्षा।

पहेलियां, कला, शिल्प और संगीत के माध्यम से सीखना।

तार्किक सोच और समस्या समाधान (Problem solving) की शुरुआती समझ विकसित करना।

2. मातृभाषा का महत्व

नीति में इस बात पर जोर दिया गया है कि जहाँ तक संभव हो, शिक्षा का माध्यम स्थानीय भाषा, मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा ही होनी चाहिए। बच्चों के लिए अपनी भाषा में नई अवधारणाओं को समझना आसान होता है।

ये महत्वपूर्ण बिंदु हैं। स्वाभाविक है NEP 2020 होमवर्क, रटने रटाने, परीक्षा को अमान्य करती है।]

No comments: